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सावन माह के पहले दिन जमकर हुई बारिश, उमस भरी गर्मी से मिला छुटकारा, किसानों के चेहरे खिले

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कैथल :- सावन माह के लगते ही बदरा जमकर बरसे. श्रावण मास की इस पहली बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे. यह बारिश धान की फसल, हरी सब्जियां, हरा चारा सभी के लिए फायदेमंद है. लोगो को उमस भरी गर्मी से छुटकारा मिलनेेे के साथ ही जलभराव की स्तिथि पैदा होने से काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा. कार्यालयों के अधिकारी और स्कूली बच्चे छाता लेकर अपने अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचते नजर आए. पिछले कुछ दिनों में वर्षा न होने से धान के पौधों प्रभावित हो रहे थे लेकिन सावन माह की यह वर्षा पौधों के लिए संजीवनी की तरह कार्य करेगी. इस बारिश से फसलों को काफी फायदा होगा.

वाहनों की आवाजाही हुई बाधित 

वीरवार को सुबह अचानक से मौसम ने करवट ली आसमान में चारों तरफ बादल छा गए, और सुबह करीब 7:00 बजे से वर्षा शुरु हो गई थी, जोकि रुक रुक कर अभी तक जारी है. इस बारिश की वजह से शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियां हुई. गांव रोहेड़िया में तेज बारिश की वजह से मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया जिससे कि वाहनों की आवाजाही बंद हो गई. कुछ ग्रामीण पवन, सुनील, रामनिवास, सतीश ने बताया कि पिछले कई सालों से यह समस्या आ रही है, सड़क पर जल निकासी व्यवस्था की तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है. प्रशासन को जल निकासी के लिए उचित प्रबंध करने चाहिए.

किसानों की बढ़ी उम्मीदें 

कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक रमेश वर्मा ने बताया कि सावन माह की यह बारिश केवल धान के लिए ही नहीं बल्कि दूसरी फसलों के लिए भी बहुत ही फायदेमंद रहने वाली है. पिछले कुछ दिनों से गर्मी व उमस के कारण तापमान काफी बढ़ गया था लेकिन इस वर्षा की होने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

Author Shweta Devi

मेरा नाम श्वेता है. मैं हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी हूं. मैंने D.Ed और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै Khabri Express पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रही हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करती हूँ.

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