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भारतीय रेलवे के 10 कोचों पर कब्जा जमाए बैठा है पाकिस्तान, पाकिस्तान में धड़ल्ले से प्रयोग हो रहे है यह कोच

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अम्बाला छावनी:- 1976 में भारत-पाक में समझौता होने के बाद समझौता एक्सप्रैस को भारत-पाकिस्तान के बीच चलाया गया था. साल 2019 में ट्रेन बंद हो गई और तभी से भारतीय रेलवे के 10 कोच पाकिस्तान के पास हैं, पाकिस्तान भारतीय रेलवे के कोच पाकिस्तान में धड़ल्ले से चला रहा है. भारत सरकार ने कोच वापस करने की डिमांड भी की थी लेकिन पाकिस्तान इन कोच को वापस लौटा ही नहीं रहा है.

भारत-पाकिस्तान में हुआ था समझौता

भारत-पाकिस्तान के बीच 22 जुलाई 1976 को समझौता हुआ था जिसके तहत समझौता एक्सप्रैस अमृतसर-लाहौर के बीच में चलाई गई थी, लेकिन 1994 से इस गाड़ी को अटारी से लाहौर के बीच चलाया जाना शुरू कर दिया. समझौता एक्सप्रैस को चलाने के पीछे का लक्ष्य था कि पाकिस्तान के लोग व भारत के लोग आपस में अपने-अपने लोगों को मिलते रहें, दोनों देशों के रिश्ते आपस में मधुर बने रहे. लेकिन पाकिस्तान को समझौते के तहत यह भी रास नहीं आया. भारतीय रेलवे में 2019 को समझौता एक्सप्रैस गाड़ी जब 7 अगस्त को अमृतसर से अटारी के लिए रवाना किया था, इस दौरान भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया था. पाकिस्तान से यह सहन नहीं हो सका. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के कारण पाकिस्तान ने इस समझौते को तोड़ दिया व समझौता एक्सप्रैस बंद कर दी.

सप्ताह में 2 दिन चलती थी समझौता एक्सप्रेस

1994 से पहले यह गाड़ी प्रतिदिन चला करती थी, लेकिन 1994 में इस गाड़ी को हफ्ते में 2 दिन चलाना शुरू किया. पाकिस्तान से यह गाड़ी सोमवार एवं गुरुवार जबकि अटारी से यह गाड़ी बुधवार एवं रविवार चला करती थी. दोनों देशों के व्यापार में समझौता एक्सप्रैस एक मुख्य भूमिका में थीं. इस ट्रेन के माध्यम से भारत-पाकिस्तान के बीच खाद एवं अन्य कई तरह का व्यापार किया जाता था. इस ट्रेन के माध्यम से बहुत सामान पाकिस्तान ले जाया व लाया जाता था, इसीलिए कहा जा सकता है कि समझौता एक्सप्रेस भारत और पाकिस्तान के लिए व्यापार का मुख्य साधन था.

अटारी से लाहौर-4 घंटे 10 मिनट का सफर

समझौता एक्सप्रैस अटारी से लाहौर जाने के लिए 27 किलोमीटर के सफर को 4 घंटे 10 मिनट में तय करती थी. यह गाड़ी 6 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चलती थी. समझौता एक्सप्रैस 2019 में अटारी से लाहौर के लिए चली तो अनुच्छेद 370 हटाए जाने से परेशान होकर पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस को बंद कर दिया और भारतीय रेलवे के 10 कोच वापस नहीं किए. भारतीय कोचों पर पाकिस्तान सांप की तरह कुंडली मारकर बैठा हुआ है, तथा वह भारतीय रेलवे के कोच को पाकिस्तान में इस्तेमाल भी कर रहा है. भारत सरकार द्वारा 2020 में पाकिस्तान में भारतीय रेलवे के कोच वापस करने के लिए को पत्र भी लिखा था, लेकिन पाकिस्तान ने भारत सरकार द्वारा भेजे गए पत्र पर कोई भी संज्ञान नहीं लिया और न ही भारत सरकार द्वारा भेजे गए पत्र का कोई उत्तर दिया. उल्टा पाकिस्तान भारतीय रेलवे के कोचों को पाकिस्तान द्वारा अपने यात्रियों के लिए धड़ल्ले से चलाया जा रहा है.

Author Deepika Bhardwaj

नमस्कार मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हूं. मैंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री की है. मेरा उद्देश्य है कि हरियाणा की प्रत्येक न्यूज़ आप लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच जाए. मैं हमेशा प्रयास करती हूं कि खबर को सरल शब्दों में लिखूँ ताकि पाठकों को इसे समझने में कोई भी परेशानी न हो और उन्हें पूरी जानकारी प्राप्त हो. विशेषकर मैं जॉब से संबंधित खबरें आप लोगों तक पहुंचाती हूँ जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं.

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