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Haryana News

कम मानसून ने बढ़ाई अन्नदाता की चिंता, किसान हैं तैयार पर बारिश का है इंतज़ार

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बहादुरगढ़:- सावन शुरू हो चुका है लेकिन मानसून का अभी भी ज्यादा प्रभाव नहीं रहा है. एक बरसात के बाद से मानसून रुक सा गया है. ऐसे में किसान के लिए मुसीबत ख़डी हो गई. बहादुरगढ़ मे जितनी बरसात की जरूरत है, अभी उसकी उतनी जरूरत भी पूरी नही हो पाई है. यही कारण है कि धान उत्पादक किसानों के सामने चिंता की स्थिती बनी हुआ है.

किसानों को सताने लगी है धान रोपाई की चिंता 

किसान धान की रोपाई के लिए सब तैयारियां कर चुके है. इंतजार है तो बस बरसात का हालांकि नगरों के आसपास के इलाकों में धान की रोपाई हो चुकी है. बाकी जगहों पर तो तभी रोपाई हो पाएगी जब बारिश होगी. वैसे तो सरकार का जोर है कि झज्जर जिले में किसान धान की रोपाई कम से कम करें और उसकी जगह दूसरी फसल उगाने वाले किसानों को सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई है, लेकिन खरीफ सीजन में किसानो को धान की फसल ही भाती है और इस क्षेत्र में इस साल धान की बासमती किस्मे ही उगाते है. हालांकि इनको सरकार द्वारा नहीं खरीदा जाता है. दिल्ली की मंडी नजदीक होने के कारण किसानो की धान की बासमती किस्मों की बिक्री दिल्ली में की जाती है. यह सिलसिला काफी लंबे समय से चला आ रहा है. इस बार बारिश देर से होगी.

किसान अभी भी कर रहे हैं बारिश का इंतजार

मानसून के आने के क्षेत्र में 91 एमएम बारिश हुई. उसके बाद बारिश की तमाम संभावनाएं गलत साबित हुई है. एक और किसान खेतों के लिए धान की पौध तैयार कर रहे है दूसरी ओर बरसात के बिना रोपाई कार्य पूरा कर पाना मुश्किल है. आसौदा गांव के किसान धीरेंद्र ने बताया कि ट्यूबवलो के भरोसे धान का उत्पादन नहीं होता है. इसलिए जब तक बरसात अच्छी नहीं होती तब तक ट्यूबवलो मे पानी का स्तर नीचे रहता है. और यहां का जमीन का पानी खारा भी है. इसलिए बरसात का इंतजार है. जुलाई महीने के आखिरी तक धान की रोपाई होगी.

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