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Kurukshetra NewsLifestyle

गांव की 150 साल पहले की यादो को समेटे हुआ है यह बरगद का पेड़, पाकिस्तान से आए लोगों को भी दिया आश्रय

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कुरुक्षेत्र :- “मैं बरगद का पेड़ हूं, और मेरा बसेरा कालवा गांव है. गांव के त्योहारों से लेकर शादियों  तक के समारोह का भी प्रतीक हूं. पिछले 150 वर्षों से मैं गांव की खुशहाली और हरियाली का साक्षी हूँ. मैं आज भी गांव में खुशहाली का संदेश दे रहा हूं. पिछले सालों में जब गांव में कोई चौपाल या पैलेस नहीं होती थी तब लोग मेरी ही छाँव के नीचे बैठकर चौपाल आयोजित करते थे और मेरी ही छाँव में बारातियों को बैठाकर उनकी खातिरदारी करते थे.

पाकिस्तान से आने वाले लोगों को भी दिया आश्रय

गांव कालवा के 80 वर्षीय पूर्व सरपंच लखविंंद्र सिंह गांव कालवा से माजरी जा रही सड़क से थोड़ी दूरी पर खड़े बरगद के पुराने पेड़ के बारे में बताते समय पुरानी यादों में खो जाते हैं और बताते हैं कि जब भारत पाकिस्तान का बटवारा हुआ तब वें पाकिस्तान से अपना सब कुछ छोड़ कर इस गांव कालवा में पहुंचे थे तब इसी बरगद के पेड़ ने उन्हें सहारा दिया. इतना ही नहीं यहां पर रहने वाले ग्रामीण भी इसी पेड़ के नीचे अपना समय व्यतीत करते थे. उन्होंने बताया कि आज भी इस बरगद के पेड़ के लिए 2 कनाल जगह खाली छोड़ रखी है. अपनी पुरानी बातों को याद करते हुए वें बताते हैं कि जब भी कोई त्यौहार या खुशी का मौका होता तो सभी लोग इसी पेड़ के नीचे इकट्ठे होकर इसकी छाया में खुशियां मनाते थे. आज भी यह पेड़ ग्रामीणों को आश्रय प्रदान करता है.

पेड़ के नीचे ठहरती थी बारातें

लखविंद्र सिंह ने बताया कि जब गांव में शादियों के समय बारात के ठहरने के लिए ना तो चौपाले होती थी और ना ही पैलेस होते थे. तब भी इसी पेड़ के नीचे बारातियों को बैठाकर उनका स्वागत किया जाता था. उन्होंने बताया कि जब उनकी बहन की शादी हुई थी तब भी इसी पेड़ के नीचे उन्होंने बारात बैठाई थी. उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 में जब वे पाकिस्तान छोड़कर आए थे तो उन्होंने इसी पेड़ के नीचे आश्रय लिया था. उस समय भी यह पेड़ ऐसा ही खड़ा हुआ था जैसे कि अब खड़ा है. यही पेड़ वर्षो पहले भी यह बरगद का पेड़ खुशहाली और हरियाली का संदेश दे रहा था और आज भी यह हरियाली और खुशहाली का संदेश दे रहा है.

Author Shweta Devi

मेरा नाम श्वेता है. मैं हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी हूं. मैंने D.Ed और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै Khabri Express पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रही हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करती हूँ.

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