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यदि आपका बच्चा भी जाता है बस से स्कूल, तो इन जरूरी बातों का अवश्य रखें ध्यान

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चंडीगढ़ :- यदि आप अपने बच्चों को बस के जरिए स्कूल भेजते हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए काफी अहम होने वाली है. बता दे कि बच्चे देश का भविष्य है. ऐसे में बच्चों को लेकर किसी तरह की भी लापरवाही बरतना खतरनाक साबित हो सकता है. आज हम आपको इस खबर के जरिए एक ऐसी घटना के बारे में बताएंगे, जिसमें बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से एक बच्चे की मौत हो गई.

यदि आपके बच्चे भी बस से स्कूल जाता है तो जानिये ये बातें 

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बच्चा निजी स्कूल बस में जा रहा था, अचानक बच्चे को उल्टी आ गई,  जिस वजह से उसने सिर खिड़की से बाहर निकाल लिया. इसी दौरान बस चालक ने बस को मोड़ दिया. जिस वजह से बच्चे का  सिर सड़क किनारे लगे एक खंभे से टकरा गया. इस हादसे में बच्चे की मौत हो गई. ऐसे में अब सभी अभिभावकों को बच्चों की चिंता सताने लगी है. चंडीगढ़ में 80 प्राइवेट और 5 से 8 सरकारी स्कूलों की बसें चलाई जाती है. इन बसों को प्राइवेट बस ऑपरेटर द्वारा ऑपरेट किया जाता है.

वही इन बसों का किराया भी बस ऑपरेटर ही निर्धारित करते हैं. बस ऑपरेटर बच्चों को घर के नजदीकी स्टेशन से स्कूल ले जाते हैं, स्कूल से वापस घर तक लाने का काम करते हैं. ऐसे में यह भी जरूरी है कि आपका बच्चा जिस स्कूल में आता और जाता है,  उसमें सुरक्षा के सभी जरूरी मानक हो. चंडीगढ़ में चलने वाली स्कूल बसों के लिए प्रशासन द्वारा ही मानक तय किए गए हैं, जिनका पालन करना सभी बस ऑपरेटरों के लिए आवश्यक है. यदि कोई भी बस ऑपरेटर इन नियमों को नहीं मानता, तो प्रशासन की स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और चंडीगढ़ कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की टीमें उनका चालान काटने से लेकर बसों को इंपाउंड भी कर सकती है.

इन नियमों का पालन करना है अनिवार्य

  • सबसे पहली बात स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए, जिससे दूसरे वाहन चालकों को स्कूल बस की जानकारी होती है.
  • स्कूल बस की स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
  • स्कूल बस में जीपीएस सिस्टम होना जरूरी है, ताकि अभिभावकों को बच्चों की लोकेशन की पूरी और सही जानकारी हर मिनट मिल सके.
  • स्कूल बस में लगा स्पीड मीटर हर छह महीने में अपडेट होना चाहिए, इसी के साथ स्कूल बस का परमिट होना अनिवार्य है.
  • बस में ड्राइवर के साथ कंडक्टर और एक महिला अटेंडड होनी अनिवार्य है, जो कि बच्चों स्कूल बस में चढ़ाएगी और उतारेगी . इसके साथ बस में बच्चों की देखभाल भी करेगी.
  • स्कूल बस की खिड़कियों पर 3 सेफ्टी ग्रिल लगी होनी चाहिए  और उन ग्रिल की आपस की दूरी पांच से सात इंच होनी चाहिए है.
  • बस ड्राइवर के पास फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए जिसमें आंखों की फिटनेस अति अनिवार्य है, फिटनेस सर्टिफिकेट एक साल से पुराना नहीं होना चाहिए.
  • ड्राइवर सीट के साथ बाएं तरफ शीशा अवश्य लगा होना चाहिए,  ताकि चालक बस के साथ, बस के पीछे पांच मीटर की दूरी तक आते हुए वाहन देख सके.

Author Meenu Rajput

नमस्कार मेरा नाम मीनू राजपूत है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर काम करती हूँ. मैंने बीकॉम, ऍम कॉम तक़ पढ़ाई की है. मैं प्रतिदिन हरियाणा की सभी ब्रेकिंग न्यूज पाठकों तक पहुंचाती हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपना काम अच्छी तरह से करू और आप लोगों तक सबसे पहले न्यूज़ पंहुचा सकूँ. जिससे आप लोगों को समय पर और सबसे पहले जानकारी मिल जाए. मेरा उद्देशय आप सभी तक Haryana News सबसे पहले पहुँचाना है.

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