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Hisar News

हरियाणा के इस का गांव विदेशो में बजेगा डंका, 32 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा अत्याधुनिक संग्रहालय

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राखीगढ़ी :- हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल में स्थित ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी जहां पर सिंधु घाटी सभ्यता के प्राचीन अवशेष मिलने की वजह से आज इसे एक अलग पहचान मिली है. अब सरकार इस स्थान पर म्यूजियम बनाकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने जा रही है. हरियाणा के CM मनोहरलाल हरियाणा में धार्मिक, ऐतिहासिक संस्कृति को सुदृढ़ एवं मजबूत बनाना चाहते हैं. इस म्यूजियम के अंदर फोटोग्राफ्स लैब्स तैयार किए हैं, जिसमें चित्रों के माध्यम से घटनाओं को दर्शाया जाएगा.

ऐतिहासिक स्थलों पर सरकार करेगी 2500 करोड रुपए खर्च  

बता दे कि CM ने इस ऐतिहासिक स्थलों के निर्माण पर 2500 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की है. जिसमें से 32 करोड रुपए राखीगढ़ी में संग्रहालय पर खर्च किए जाएंगे. वही पुनर्वास कार्यो के लिए 8 करोड़ 50 हजार रुपए जारी कर दिए गए है. प्रदेश सरकार राखीगढ़ी को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास में लगी हुई है. राखीगढ़ी में 7 टीलो से मिलकर बनी हड़प्पा सभ्यता की सबसे बड़ी बस्ती भी यही पायी गई है. आरंभ में इसकी खुदाई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विभाग के द्वारा वर्ष 1963 में करवाई गई थी.

राखीगढ़ी में पाई गई सभ्यता लगभग 5500 ई. पूर्व प्राचीन 

इसके अलावा बाद में इसकी खुदाई डॉ अमरेंद्रनाथ के नेतृत्व में 1998- 2001 में ASI के द्वारा पुनः करवाई गई. इसी तरह वर्ष 2013, 2016 और 2022 में राखीगढ़ी का उत्खनन कार्य पुणे के डेक्कन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वसंत शिंदे के द्वारा करवाया गया. प्रो. शिंदे का कहना है कि राखीगढ़ी में पाई गई सभ्यता लगभग 5000- 5500 ई. पूर्व की है. वहीं मोहनजोदड़ो में पाई गई सभ्यता को 4000 ई. पूर्व की सभ्यता माना गया है. राखीगढ़ी लगभग 550 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां खुदाई के दौरान लगभग 7000 ई. पूर्व महिलाओं के कंकाल भी प्राप्त हुए हैं.

आभूषण बनाने के लिए करते थे तांबा और सोना का प्रयोग 

उत्खनन कार्य के दौरान मिले अवशेषों से ज्ञात होता है कि यह लोग खास तरह के आभूषण बनवाने के लिए कच्चा माल गुजरात, बलूचिस्तान, राजस्थान, अफगानिस्तान के मंगवाते थे, और इनके आभूषण बनाकर इन्ही जगहो में भेजते थे. यहां के लोग आभूषण बनाने के लिए तांबा, सोना, आगेट जैसी धातुओं का प्रयोग करते थे. CM मनोहर लाल अब इस पुरातत्व स्थल को विश्वस्तर पर ख्याति दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि विदेशों से लोग यहां पर घूमने के लिए आए, और यहां की प्राचीन सभ्यता के बारे में जान पाए. वही यहां पर गैलरी और पुस्तकालय भी बनाए जाएंगे.

Author Shweta Devi

मेरा नाम श्वेता है. मैं हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी हूं. मैंने D.Ed और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै Khabri Express पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रही हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करती हूँ.

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