Join Telegram Group Join Now
Join WhatsApp Group Join Now
Haryana NewsGovernment Scheme

हरियाणा में वन टाइम सेटलमेंट स्‍कीम में बाधक बन रहे अफसरों पर होगी कार्रवाई

इस न्यूज़ को शेयर करे:

पंचकुला :-  हरियाणा सरकार के द्वारा चलाई जा रही वन टाइम सेटेलमेंट योजना को और अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने के लिए सरकार ने एक ठोस कदम उठाया है. सरकार के द्वारा वन टाइम सेटेलमेंट योजना में बाधा बन रहे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के आदेश दिए गए हैं.

सभी लंबित मामलों को निपटाने का दिया आदेश

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों को निर्देश दिया कि लंबे समय से चल रहे मामलो को निपटाने में किसी अधिकारी ने कोई बाधा उत्पन्न की तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. यह योजना सरकार के द्वारा समस्या के समाधान नीति के तहत चलाई गई थी.बताया जा रहा है की मुख्यमंत्री के पास ऐसे मामले आए हैं. जिसमें कुछ व्यक्तियों के द्वारा यह शिकायत की गई है कि बड़े अधिकारी उनके लंबित पड़े मामलों का निपटारा नहीं होने दे रहे हैं. इसी वजह से मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों का सटीकता से संज्ञान मे लिया. वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम को लागू करने से पहले मुख्यमंत्री ने कर्मचारी वर्ग और उद्योगपतियों से इसके लिए अनुमति मांगी थी |

हरियाणा सरकार ने विवाद से समाधान तक की नीति के तहत महिला विकास निगम और शहरी विकास प्राधिकरण जैसे कई विभागों में एकमुश्त भुगतान के बाद निपटान की योजना बनाई है. मुख्यमंत्री चाहते हैं की वन टाइम सेटलमेंट योजना सभी विभागों में लागू हो. मुख्यमंत्री इस योजना को सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बनाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने यह ठोस कदम उठाया है. मुख्य न्यायाधीशों के साथ हुए दिल्ली सम्मेलन में भी मुख्यमंत्री ने इस बात को दोहराया गया है.वन टाइम सेटेलमेंट योजना के तहत खनन विभाग ने 168 बकायादार खनन लीज धारकों पर बकाया 823.89 करोड़ रुपए का निपटारा 150.45 करोड़ों रुपए में करने का निर्णय लिया है. खनन विभाग के द्वारा 161 खनिको से 39.25 करोड़ की वसूली करके 391.19 करोड़ की बकाया राशि का निपटारा किया है. यह विभाग के द्वारा एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

वन टाइम सेटेलमेंट योजना को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मे लागू करने के साथ ही कई बड़े विवाद उत्पन्न हो गए थे. इस योजना के लागू होने के कारण सरकार के द्वारा अदालतों के आदेश से बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान करने के लिए असाइनमेंट स्कीम मनाई गई. जिसका रिहायशी क्षेत्र के लोगों ने खूब विरोध किया. यह मामला उच्च न्यायालय में ले जाया गया लेकिन यह मामला बिच मे ही लटक गया. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एक और नई योजना अस्तित्व में लाना चाहती है लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ इंकार कर दिया है कि जब तक यह योजना अच्छी तरह से लागू नहीं हो जाती तब तक कोई भी नई योजना नहीं लाई जाएगी.

वन टाइम सेटेलमेंट योजना के बाद भी नहीं निपट रहे मामले

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास फरीदाबाद की एसपीएन इंडस्ट्री लिमिटेड का एक मामला पहुंचा था. सेक्टर 20बी में इस कंपनी को 22 नंबर प्लॉट आवंटित हुआ था. 3 नवंबर 2006 में कंपनी के द्वारा इस प्लाट पर अधिकार कर लिया गया था. स्वामियों की मुआवजा राशि बढ़ाए जाने के कारण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने आवंटीयों को नई मांग भेजदि. फिर यह मामला उच्च न्यायालय तक ले जाया गया और कोर्ट ने इस पर से कर दिया.

इस मामले का हल मई 2013 में हुआ. विभाग के द्वारा 2018 में एक करोड़ 10 लाख 24 हजार की मांग का आंवटीयो को भेजी गई थी सरकार की एकमुश्त भुगतान योजना के तहत एक करोड़ 30 लाख 28 हजार रुपए निकली है. विभाग के द्वारा यह राशि आवंटि की तरफ से जमा करने में असमर्थता दिखा रहा है. इस कंपनी के चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल ने मनोहर लाल खट्टर से अपील की कि इस विभाग के पहले से लंबित मामलों को दूर करने के बाद भी अंतिम योजना निकालनी चाहिए. सरकार के द्वारा वन टाइम सेटलमंट स्कीम को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए और बड़े अधिकारियो को सहयोग करने के लिए कहा है |

Author Shweta Devi

मेरा नाम श्वेता है. मैं हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी हूं. मैंने D.Ed और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै Khabri Express पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रही हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करती हूँ.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button