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Haryana News

पराली नहीं जलाने वाले किसानों को हरियाणा सरकार दे रही है पैसा, जाने कैसे उठाएं फायदा

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चंडीगढ़ :- हर साल पंजाब- हरियाणा के किसान धान की फसल के अवशेष या पराली को खेतों में जलाते है. जिससे राजधानी के 200 Km में फैली आबादी के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है. पर इस बार सरकार ने सख्ती बरती है. सरकार के इस कदम से ना ही सिर्फ लोगों को शुद्ध हवा मिलेगी, बल्कि कम उम्र में युवा पीढ़ी में होने वाली बीमारियों का भी समाधान हो सकेगा.

अब पराली जलाने पर देना पड़ेगा जुर्माना

हरियाणा सरकार ने इस ओर अहम कदम उठाया है. अब किसान पराली को जलाने या अपने खेत में मिलाने के बजाय उसे बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं. हरियाणा सरकार ने धान की कटाई के बाद खेत में पराली के प्रबंधन के लिए 1000 रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने का प्रावधान किया है. किसान इस अनुदान Scheme का लाभ फसल अवशेष प्रबंधन योजना में एक्स सीटू के तहत बेलर द्वारा पराली की गांठें बनाकर तथा धान के अवशेषों को खेत में ही मशीन की सहायता से मिट्टी में मिला कर इस सब्सिडी योजना का लाभ उठा सकते हैं.

पराली पर आगे लगाने से होते है ये नुकसान

अगर हम पराली को आग लगाते हैं, तो किसानों को दोहरा नुकसान होता है. एक, पराली में आग लगाने से भूमि की उर्वरता पर बुरा प्रभाव पड़ता है. साथ ही मानव का सांस लेना भी दुभर हो जाता है. इसलिए सरकार ने इस पर रोकथाम लगाने के लिए पराली में आग लगाने को अपराध घोषित कर दिया है. सरकार ने कहा है पराली पर आग लगाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

किसानों को मिलेंगी ये सुविधा

किसान पराली फसल के अवशेषों को न जलाकर पर्यावरण को बचा सकते है और मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ा सकते है. साथ ही प्रति एकड़ 1000 रुपये का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. कृषि अधिकारी डॉ. आनंद और सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा ने बताया कि विभाग की ओर से क्षेत्र के किसानों को सरसों की खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से मुफ्त सरसों दी जा रही है. वे गनौर कार्यालय आ सकते हैं और अपना Aadhar Card दिखा सकते हैं और बीज एकत्र कर सकते हैं. बेलर के माध्यम से फसल अवशेषों की गांठें बनाकर भी किसान आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं. बेलर से बेलर बनवाने वाले किसान को भी लाभ दिया जाएगा. यदि किसी किसान को बेलर नहीं मिलता है तो वह विभाग को सूचित करें. उसी क्षेत्र के बेलर उपकरण वाले किसानों को उनके गांव भेजा जाएगा. इसके लिए किसानों को अपनी फसल का Registration कराना होगा.

Rajat Sisodia

Rajat Sisodia is a journalist who expertise in writing digital news on Entertainment or Daily News Coverage Category. Rajat Sisodia have 7+ years of experience as a news article writer.

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