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Bhiwani News

हरियाणा के कृषि मंत्री के गांव के सरकारी स्कूल का बुरा हाल, 3 कमरों में लग रही है 10 कक्षाएं

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भिवानी :- सरकार का कहना है कि अब देश में हालात बदल रहे हैं. सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षा प्राइवेट स्कूलों से कहीं बेहतर हो रहीं है. लेकिन कहीं-कहीं अभी भी यह परिभाषा साकार होना बाकी है. आज हम आपको कृषि मंत्री जेपी दलाल के पैतृक गांव घुसकानी के High School के बारे में बताने जा रहे हैं जहां शिक्षक तो है लेकिन वहां की व्यवस्था बिल्कुल भी ठीक नहीं है.

कक्षाएं 10 और बैठने के लिए कमरें तीन 

अब स्थिति ऐसी है कि इस हाई स्कूल में पहली से 10 वीं कक्षा तक लगभग सवा दौ सौ बच्चों का Registration हैं, लेकिन उनको बैठने के लिए सिर्फ तीन कमरे ही उपलब्ध हैं. कक्षाएं 10 और उनके बैठने के लिए कमरे सिर्फ तीन ऐसे में बच्चे किस प्रकार बैठ सकते हैं. शिक्षकों ने अपने Level पर कुछ इंतजाम भी किए इसीलिए स्कूल को दो Shift में लगाया जा रहा है. लेकिन ऐसा करने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ. बारिश के दिनों में तो स्कूल का आंगन तालाब की तरह हो जाता है. बारिश के दिनों में ऊपर से आसमानी आफत बरसती है और दूसरी ओर भूमिगत पानी भी ऊपर आ जाता है जिसके कारण कोई स्कूल में पैर भी नहीं रख सकता. इस प्रकार की परिस्थितियों से कैसे इस देश का भविष्य बदलेगा.

बारिश में होती है और भी जर्जर स्थिति 

अभी हाल ही में हुई बारिश ने School की स्थिति और खराब कर दी. स्कूल में लगभग दो से ढाई फुट तक बारिश का पानी इकट्ठा हो गया. पानी को बाहर निकालने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कमरों में घुसने लगा. स्कूल में PTI के पद पर नियुक्त विनोद पिंकू ने बारिश के पानी में घुसकर पानी की निकासी के लिए नाली बनाई. साथ ही स्कूल के मुखिया मुकेश सांगवान ने राजमिस्त्री बन कर स्कूल की Laboratory व अन्य कमरों में कार्य किया ताकि बारिश या भूमिगत पानी इनमें न जाए. इसके लिए उन्होंने करणी व बसोली लेकर कच्ची ईंटों से पानी रोकने के लिए दिवार बना डाली. दोनों शिक्षकों के लम्बे प्रयास के बाद लैब, Classroom में पानी घुसने से रोका गया. स्कूल की व्यवस्था सुधारने में इन दोनों शिक्षकों के अलावा लक्ष्मी, कृष्णा, गुड्डी, महीपाल व अनिल शर्मा ने भी पूरा सहयोग किया. इस तरह की व्यवस्था में बच्चे किस प्रकार शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे. इतना पानी भरा होने के कारण ना ही तो विद्यार्थी कमरों में जा सकते हैं और ना ही शिक्षक.

2 शिफ्टों में लग रहा स्कूल 

पढ़ाई के लिए बिल्कुल भी सकारात्मक परिस्थितियां नहीं है. गांव घुसकानी स्थित हाई स्कूल में पहली से लेकर दसवीं तक की कक्षाएं लगाई जा रही है. वहां पर पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक 104 तथा छठी से लेकर दसवीं कक्षा तक 117 बच्चे रजिस्टर है.  बच्चे प्रतिदिन विद्यालय में पढ़ने के लिए जा रहे हैं. पता चला है कि स्कूल में पांच कमरे थे, लेकिन दो कमरों की हालत खस्ता हो चुकी है इसलिए उनमें बच्चों को बैठाया नहीं जा सकता. अब तीन कमरों में दसवीं तक की कक्षाएं लगाना संभव नहीं है. इसके लिए शिक्षकों ने शिक्षा विभाग (Education Department) से अनुमति लेकर स्कूल को दो शिफ्टों लगाना शुरू किया. अब तीन कमरों में पांच कक्षाएं लग रहीं है. कमरों के अलावा स्कूल में बने शौचालयों व पीने के पानी की व्यवस्था भी ज्यादा ठीक नहीं है.

Author Deepika Bhardwaj

नमस्कार मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हूं. मैंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री की है. मेरा उद्देश्य है कि हरियाणा की प्रत्येक न्यूज़ आप लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच जाए. मैं हमेशा प्रयास करती हूं कि खबर को सरल शब्दों में लिखूँ ताकि पाठकों को इसे समझने में कोई भी परेशानी न हो और उन्हें पूरी जानकारी प्राप्त हो. विशेषकर मैं जॉब से संबंधित खबरें आप लोगों तक पहुंचाती हूँ जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं.

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