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Mandi Bhav

हरियाणा में कपास के भाव में अचानक तेजी, 10 हजार के पार हुए कपास के भाव

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जींद :- इस बार मौसम और बीमारी दोनों ने ही खरीफ की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. और इसी नुकसान के कारण किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं. लेकिन इस वक़्त बाजार में जो कपास (Cotton) में धान के भाव है उनसे किसानों को थोड़ी राहत मिली है. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी वृद्धि होने की संभावना है. इस समय कपास का समर्थन मूल्य (Minimum Supporting Price) 6380 रुपये प्रति क्विंटल (लंबा रेशा) है. जबकि बाजार में कपास की फसल के भाव 10 हजार रुपये से अधिक है.

कपास की जुताई कर धान की कर दी रोपाई 

पिछले साल गुलाबी सुंडी बीमारी की वजह से किसान कपास की फसल का उत्पादन (Production) कम करने लगे हैं. जिसके चलते इस साल जींद जिले में कपास का रकबा 65 हजार हेक्टेयर से घटकर 34 हजार हेक्टेयर हो गया. जुलाई में होने वाले ज्यादा बारिश ने कपास को काफी नुकसान पहुंचाया. जिसके कारण हजारों एकड़ फसल खराब हो गई और बहुत से किसानों ने कपास की फसल की जुताई कर उसकी जगह धान की रोपाई कर दी. हालांकि जो कपास की फसल अभी शेष है, उसमें भी फसल ज्यादा Growth नहीं कर रही है और फल-फूल भी ज्यादा नहीं है जिससे कपास का उत्पादन कम ही होगा.

भाव तेज रहने की है पूरी संभावना

यदि भाव अच्छा रहा तो कम उत्पादन से होने वाला घाटा भर पाएगा. मार्केट कमेटी जींद के पूर्व Vice Chairman व आढ़ती मनीष उर्फ बबलू गोयल ने कहा कि आशा है इस बार धान व कपास के भाव अच्छे रहेंगे. गुलाबी सुंडी के कारण इस बार कपास का रकबा कम हुआ है. यूरोपीय देशों में बासमती धान की मांग बढ़ी है. इसी कारण भाव तेज है और संभावना है कि इसी प्रकार भाव में वृद्धि होगी.

Author Deepika Bhardwaj

नमस्कार मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हूं. मैंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री की है. मेरा उद्देश्य है कि हरियाणा की प्रत्येक न्यूज़ आप लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच जाए. मैं हमेशा प्रयास करती हूं कि खबर को सरल शब्दों में लिखूँ ताकि पाठकों को इसे समझने में कोई भी परेशानी न हो और उन्हें पूरी जानकारी प्राप्त हो. विशेषकर मैं जॉब से संबंधित खबरें आप लोगों तक पहुंचाती हूँ जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं.

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