Join Telegram Group Join Now
Join WhatsApp Group Join Now
Finance

अब बिकने जा रहा है भारत का ये बड़ा बैंक, कहीं आपका भी अकाउंट तो नहीं शामिल

इस न्यूज़ को शेयर करे:

नई दिल्ली :- सरकार विचार कर रही है कि वह IDBI बैंक में कम से कम 51 फ़ीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है. सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के अधिकारियों के बीच इसको लेकर विचार हो रहा है. यदि दोनों पक्षों की हिस्सेदारी की बात की जाए तो यह 91 प्रतिशत है. बेचने के बाद भी बैंक में दोनों पक्षों की कुछ हिस्सेदारी रहेगी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सौदा कैसा होगा,इस पर मंत्रियों की एक समिति आखिरी फैसला करेगी.

IDBI बैंक के नियमों में भी हुए हैं आवश्यक संशोधन

एलआईसी और सरकार द्वारा सितंबर माह के आखिर में यह आकलन किया जाएगा कि खरीददारों को बैंक में दिलचस्पी है या नहीं. IDBI बैंक के रणनीतिक विनिवेश और प्रबंधन नियंत्रण के स्थानांतरण के लिए मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बीते साल मई में सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी थी. आईडीबीआई बैंक के कानून में कुछ आवश्यक संशोधन (Amendments)  भी किए गए हैं. सरकार की साझेदारी इस बैंक में 45.48 फीसदी है जबकि एलआईसी के पास 49.24 फीसदी हिस्सा है. हालांकि वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) और आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों ने इस पर कुछ भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है जबकि एलआईसी द्वारा भी कुछ भी नहीं कहा.

427.7 अरब रुपए है Market Capitalisation

IDBI बैंक के शेयरों में पिछले 1 साल में 6.3 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. इससे बैंक का मार्केट पूंजीकरण बढ़कर 427.7 अरब रुपए हो गया है. कल यानी 24 अगस्त को बीएससी पर दिन के कारोबार में बैंक का शेयर लगभग 5 फ़ीसदी चढ़कर ₹41 Level पर पहुंच गया. अंत में 2.82 फ़ीसदी की बढ़ोतरी के साथ 40.10 रुपए पर बंद हुआ. सरकार वर्तमान में आईडीबीआई बैंक में अपनी और एलआईसी के कम से कम कुछ हिस्सेदारी बेचने के साथ उसका प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के बारे में सोच रही है.

सरकार की निजीकरण योजना होगी तेज 

मिली जानकारी के अनुसार आरबीआई Investors को 40 फीसदी ज्यादा हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी देगा. Central Bank के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को निर्धारित सीमा से अधिक हिस्सेदारी खरीदने के लिए स्वीकृति लेनी पड़ती है. जो कंपनियां सेंट्रल बैंक के क्षेत्र से बाहर काम करती है वह सिर्फ 10 से 15 फ़ीसदी भागीदारी ही खरीद सकते हैं. सीमा में छूट के संभावित खरीदारों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है और सरकार की निजीकरण (Privatization) योजना भी तेज हो सकती है. सरकार में इस साल 65000 करोड रुपए Invest करने का Target बनाया है जिसमें से एक तिहाई LIC के IPO से इकट्ठे किए जा चुके हैं.

Author Deepika Bhardwaj

नमस्कार मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हूं. मैंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री की है. मेरा उद्देश्य है कि हरियाणा की प्रत्येक न्यूज़ आप लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच जाए. मैं हमेशा प्रयास करती हूं कि खबर को सरल शब्दों में लिखूँ ताकि पाठकों को इसे समझने में कोई भी परेशानी न हो और उन्हें पूरी जानकारी प्राप्त हो. विशेषकर मैं जॉब से संबंधित खबरें आप लोगों तक पहुंचाती हूँ जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button