Join Telegram Group Join Now
Join WhatsApp Group Join Now
Education

हरियाणा के 61 राजकीय महाविद्यालय में नए कोर्स शुरू, 33 कॉलेजों में बढ़ाई सीटें

इस न्यूज़ को शेयर करे:

चंडीगढ़ :- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रही हरियाणा सरकार ने उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में कई नए कदम भी उठाए हैं. राज्‍य के 61 राजकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर और स्नातक स्तर पर नए कोर्स आरंभ किए गए हैं. इसके अलावा 33 कालेजों में सीटें भी बढ़ाई गई हैं. हालांकि छात्र संख्या में कमी होने के कारण नौ कालेजों में कुछ कोर्स और विषय खत्म कर दिए गए हैं तो दो कालेजों में सीटें भी कम की गई हैं.

स्नातक की 80 और बीकॉम बीएससी की 40- 40 सीटों में कमी

उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सीटें और कोर्स बढ़ाने के बावजूद भी यह साफ किया गया है कि कालेज की तरफ से नए स्टाफ की मांग नहीं की जाएगी. छात्र संख्या में कमी के चलते यमुनानगर के छछरौली स्थित कालेज से स्नातक की 80 सीटें और गोहाना महिला कालेज में बीकाम और बीएससी की 40-40 सीटों में कमी की गई हैं.

छह कालेज प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी

वहीं, छह कालेजों के मुखियाओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है. जिन्होंने पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियाें की संख्या नाममात्र होने के बावजूद भी कोर्स बंद नहीं किया था. इनमें कालका में स्नातक स्तर पर फैशन डिजाइनिंग की 40 सीटें तथा ऐलनाबाद और सल्हेड़ी में बीएससी नान मेडिकल की 80-80 सीटें थी, लेकिन इनमें किसी छात्र द्वारा दाखिला नहीं लिया गया था.

इसी तरह रतिया में भी बीएससी नॉन मेडिकल की 80 सीटों पर चार, नलवा में बीएससी नान मेडिकल की 40 सीटों में से सात और पुन्हाना में बीकाम की 80 सीटों में से पांच पर विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था, लेकिन इसके बावजूद भी कालेज मुखियाओं द्वारा कोर्स बंद नहीं किया गया. इसके चलते ही इन्हें नोटिस थमाते हुए जवाब तलब किया गया है.

आनलाइन होंगे दाखिले, बदले गए है कुछ नियम

  • प्रत्येक छात्र को पंजीकरण शुल्क देना पड़ेगा. अंतिम तिथि के बाद विलंब शुल्क भी वसूला जाएगा.
  • पंजीकरण मोबाइल नंबर पर आधारित ही होना चाहिए. यूपीआइ से भुगतान का विकल्प उपलब्ध रहेगा.
  • परिवार पहचान पत्र के आधार पर ही छात्रों को आरक्षण के सहित दूसरे लाभ भी मिल पाएंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button