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New Delhi

दिल्ली NCR के हजारो उद्योगों पर छाए संकट के बादल, इस ईंधन का इस्तेमाल 30 सितंबर तक करना होगा बंद

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नई दिल्ली :- देश की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में औद्योगिक प्रदूषण काफी बढ़ता जा रहा है. जिस वजह से इसे रोकने के लिए Government की तरफ से समय- समय पर कड़े कदम उठाए जाते हैं. औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं. इन निर्देशों के अनुसार 30 September तक दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसपास लगते उद्योगों में परंपरागत इंधन का इस्तेमाल बंद हो जाना चाहिए.

हरियाणा के उद्योगों पर छाए संकट के बादल 

इसके लिए उद्योगों को अपने जनरेटर सेट सहित बायलर PNG पर शिफ्ट करने होंगे. बता दें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग की तरफ से February महीने में ही इसके संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए गए थे. तब से लेकर अब तक करीब 50 फ़ीसदी उद्योगों ने अपने जनरेटर सेट और बॉयलर को PNG में शिफ्ट कर लिया है. अभी भी कुछ उद्योग ऐसे बचे हुए हैं, जो इसके क्रियान्वयन में समय बढ़ोतरी के Wait में हैं या फिर सरकार से इसके खर्च में कुछ छूट प्राप्त करना चाहते हैं.

हरियाणा के सीएम ने रखा पर्यावरण मंत्री के सामने प्रस्ताव

वही इसमें Haryana के ऐसे 8 जिले भी शामिल है, जिसमें PNG की लाइन ही नहीं है. इसी संबंध में हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से बातचीत की और छूट से संबंधित प्रस्ताव भी रखा. अभी तक इस पर कोई भी फैसला नहीं लिया गया है. बता दें कि इतना जरूर किया गया है कि जहां पर पीएनजी की लाइन इन नहीं है, वहां पर वायु गुणवत्ता आयोग ने अपने आदेशो के लिए 1 January 2023 तक का समय दे दिया है.

पदाधिकारियों ने की डिप्टी सीएम से मुलाकात 

गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों हरियाणा के Deputy CM दुष्यंत चौटाला से भी मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम से यह मामला सुलझाने की अपील की थी. वहीं डिप्टी सीएम ने प्रदेश भर के आंकड़े एकत्रित करने के निर्देश भी दिए थे, जिससे केंद्र को इस से अवगत कराया जा सके. बता दें कि अकेले फरीदाबाद में 434 ऐसी प्रदूषित इकाइयां हैं जिन्हें परंपरागत इंधन में कन्वर्ट करवाना था, परंतु उनमें से 193 ही अभी तक कन्वर्ट हो पाई है.

अब समय अवधि पूरा होने में भी महज 1 महीने का समय बचा हुआ है. औद्योगिक संगठन भी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलने के लिए समय मांग रहे हैं, ताकि वह इस मसले पर अच्छी प्रकार से बातचीत कर सकें और पीएनजी लाइन बिछाने की मांग रख सके.

Author Meenu Rajput

नमस्कार मेरा नाम मीनू राजपूत है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर काम करती हूँ. मैंने बीकॉम, ऍम कॉम तक़ पढ़ाई की है. मैं प्रतिदिन हरियाणा की सभी ब्रेकिंग न्यूज पाठकों तक पहुंचाती हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपना काम अच्छी तरह से करू और आप लोगों तक सबसे पहले न्यूज़ पंहुचा सकूँ. जिससे आप लोगों को समय पर और सबसे पहले जानकारी मिल जाए. मेरा उद्देशय आप सभी तक Haryana News सबसे पहले पहुँचाना है.

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