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New Delhi

भारत को लगे विकास के पंख: सात दशकों में 150 गुना हुईं सड़कें, वहीं 300 गुना बढ़ी बिजली उत्पादन क्षमता

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नई दिल्ली :- आज से लगभग 75 वर्ष पूर्व भारत- पाक विभाजन के समय देश का Infrastructure बिल्कुल डगमगा गया था. रेलवें का लगभग 40% हिस्सा पाकिस्तान के पास चला गया था, लेकिन फिर भी भारत अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाया, और भारतीय रेलवें आज रेल नेटवर्क में दूसरे स्थान और बिजली उत्पादन क्षमता में चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है.

सड़के 150 गुना और बिजली उत्पादन क्षमता 137 गुना बढ़ी  

वहीं सड़कों और बिजली से जुड़े मुद्दों पर बात की जाए तो आज से 75 वर्ष पूर्व 40,000 किलोमीटर लंबी सड़के और बिजली की उत्पादन क्षमता 1362 थी. वहीं देश के लोगों ने सड़कों का महत्व समझकर सड़कों का विस्तार करने का निश्चय किया, और इसी निश्चय के साथ आज Road नेटवर्क 150 गुना हो गया है. वहीं बिजली की उत्पादन क्षमता पहले की अपेक्षा 317 गुना अर्थात 403 GW कर ली गई है. वर्ष 1947 में बिजली की खपत 16.4 प्रति व्यक्ति थी जोकि अब 1208 Unit पहुंच चुकी है. नवंबर 2021 तक देश के 14 राज्यों में 37 GW की संचयी क्षमता वाले 52 सौर पार्को को मंजूरी दी जा चुकी है.

2021 तक शहरी आबादी बढ़कर हुई 35.39%

बता दे कि आज समुद्री मार्ग से व्यापार करने के लिए भारत के पास 13 बड़े और 200 छोटे बंदरगाह है. मशहूर अर्थशास्त्री भारत भूषण का कहना है कि 1947 मे हुए विभाजन के बाद इतनी बड़ी आबादी को संभालना बहुत मुश्किल काम था, इसके लिए आज जो भी Infra Development से जुड़े हुए काम हुए उन्हें आज नवरत्न महारत्न कंपनियों के रूप में देखते हैं. उन्होंने बताया कि शहरों की आबादी अधिक होने की वजह गांव का विकास अब हो रहा है. आंकड़ों के अनुसार शहरी आबादी तेजी से बढ़कर 1973-74 में 3.95% और 2021 में बढ़कर 35.39% हो गई.

Road नेटवर्क और रेलवे ट्रैक के मामले मे भारत रहा दूसरे स्थान पर 

अमेरिका के Central Intelligence Agency के द्वारा The World Factbook मे रिकॉर्ड किए गए डाटा के अनुसार भारत दुनिया में 63.71 लाख Km के साथ रोड नेटवर्क के मामले में दूसरे स्थान पर है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार अप्रैल 2014 में NH की लंबाई 91,287 Km थी जोकि 2021 में बढ़कर 1.41 लाख Km हो गई. वहीं कुल ऊर्जा खपत मामले में भारत पिछले 10 वर्षों से तीसरे स्थान पर आ रहा है. रेलवे ट्रैक की बात की जाए तो भारत 1.26 लाख लंबी रेल ट्रैक के साथ विश्व मे दूसरे स्थान पर है.

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर 

लगातार हो रहे इस विकास के बावजूद हमारे इंफ्रा की सबसे बड़ी कमजोरी पानी और हवा है. आजादी के समय से पेयजल की उपलब्धता 4000 घन मीटर से घटकर 1523 घन मीटर हो गई है. किसी भी देश के विकास के लिए पानी अति महत्वपूर्ण घटक है. वही सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की एक Study के अनुसार पहले की अपेक्षा वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है, प्रदूषण की वजह से व्यक्ति की उम्र 5 वर्ष कम हो जाती है. शिकागो यूनिवर्सिटी के द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार दिल्ली दुनिया का सबसे अधिक प्रदूषित शहर है. वहां पर प्रदूषण अधिक होने से व्यक्तियों की जीवन प्रत्याशा 10 वर्ष तक घट जाती है. कुल मिलाकर आजादी के बाद से अब तक इंफ्रास्ट्रक्चर का काफी विस्तार हुआ है.

Author Shweta Devi

मेरा नाम श्वेता है. मैं हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी हूं. मैंने D.Ed और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै Khabri Express पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रही हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करती हूँ.

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