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हरियाणा पुलिस में नियुक्ति का इंतजार कर रहे 7000 युवाओ को झटका, हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत

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चंडीगढ़ :-  शुक्रवार को हरियाणा पुलिस महिला और पुरुष कांस्टेबल को नियुक्ति देने के संबंध में मामले की सुनवाई की गई थी. जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के द्वारा महिला और पुरुष कांस्टेबल को नियुक्ति देने पर 29 July 2022 तक रोक लगा दी है. सुनवाई के दौरान कोर्ट द्वारा मांगी गई जानकारी आयोग ने पेश नहीं की जिस वजह से Court ने कहा कि सबसे पहले कोर्ट यह देखेगा कि नॉर्मललाइजेशन परसेंटाइल जैसा मेथड अपनाना सही है या नहीं.

आयोग ने नहीं बताया कौन सा फार्मूला अपनाया 

उम्मीदवारों को किस स्टेज पर इस बात की जानकारी दी गई कि मेथड किस प्रकार से लागू किया गया और क्या वह मेथड सही था. इस पर याचिकाकर्ता की तरफ वकील जसबीर मोर ने कोर्ट को बताया कि महिला कांस्टेबल भर्ती के दौरान आयोग ने यह नहीं बताया कि मेरिट बनाने के लिए उन्होंने कौन सा फॉर्मूला अपनाया है, इसके साथ ही पुलिस पुरुष कांस्टेबल के उम्मीदवारों को भी बाद में बताया गया कि मेरिट बनाने के लिए नॉर्मलाइजेशन परसेंटाइल मेथड अपनाया जाएगा लेकिन इसके बावजूद भी इसे रिजेक्ट करके किसी अन्य मेथड को लगाकर Result तैयार किया गया. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद HSSC तो आदेश दिए कि वो महिला पुलिस कांस्टेबल के 10 उम्मीदवारों का परिणाम रैंडम और सीक्वेंस के आधार पर चार्ट बनाकर कोर्ट में पेश करें. ताकि कोर्ट को उम्मीदवार के रॉ मार्क्स का पता चल सके.

महिला, पुरुष कांस्टेबल नियुक्ति पर लगाई रोक 

इस सुनवाई के बाद HC ने आगामी 29 जुलाई तक भर्ती पर रोक लगा दी है, इस वजह से लगभग 7000 कॉन्स्टेबल इससे प्रभावित होंगे. मोर ने बताया कि HSSC को नॉर्मलाइजेशन परसेंटाइल मेथड व अन्य मेथड को लेकर Court में चुनौती दी गई थी. आयोग ने कोर्ट को बताया कि भारतीय संख्यिकी संस्थान दिल्ली की सलाह पर यह फॉर्मूला अपनाया गया है, इस पर भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने बताया कि यह मेथड तब अपनाया जाता है, जब लिखित परीक्षा पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है. कॉन्स्टेबल भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद Socio-Economic के अंक और शारीरिक परीक्षा अंक भी जोड़ने हैं.

Top 50 बच्चों की मांगी सूची 

Court ने पिछली सुनवाई के दौरान आयोग को आदेश दिए थे कि बिना नॉर्मलाइजेशन प्रत्येक शिफ्ट के 50 Top विद्यार्थियों की सूची देकर यह बताएं कि क्या इन बच्चों का फाइनल लिस्ट में नाम आया, लेकिन आयोग यह रिपोर्ट पेश नहीं कर पाया. जसबीर मोर ने कहा की रिजल्ट घोषित कर दिया गया है और अब नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी है. यदि यह नियुक्ति पत्र जारी हो जाता है तो याचिका का कोई महत्व नहीं रहेगा. इसलिए कोर्ट ने अगली सुनवाई तक नियुक्ति पत्र जारी होने पर रोक लगा दी है.

Author Shweta Devi

मेरा नाम श्वेता है. मैं हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी हूं. मैंने D.Ed और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै Khabri Express पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रही हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करती हूँ.

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