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Chandigarh

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ऐलान, हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों को मिलेंगे 25- 25 लाख

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चंडीगढ़ :- स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य  पर राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बड़ा ऐलान किया है. विभाग की ओर से विद्यालय प्रबंधन समिति को किसी भी प्रकार के सिविल कार्य एवं 25 लाख रुपये तक के ड्यूल डेस्क (Dual Desk) क्रय करने का अधिकार दिया गया है. सीएम मनोहर लाल की घोषणा पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने स्कूल स्तर पर हर छात्र को ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराने का काम शुरू कर दिया है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे करनाल और यमुनानगर जिलों से सफलतापूर्वक शुरू किया गया है.

नोडल अधिकारी नियुक्त

शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर की अध्यक्षता में जुलाई में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अंशाज सिंह ने यमुनानगर के जगाधरी प्रखंड में सिविल कार्य एवं करनाल प्रखंड में ड्युअल डेस्क की खरीद पर चर्चा की. करनाल का जिला स्तरीय अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए, जिसके बाद दोनों प्रखंडों में सिविल कार्य एवं डेस्क खरीद सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गयी है. इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सहायक निदेशक नंदकिशोर वर्मा को एसीएस डॉ. महावीर सिंह की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया.

ड्यूल डेस्क पहुंचाने की ली जिम्मेदारी

वर्तमान में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल सरकारी स्कूल के प्रत्येक बच्चे तक ड्यूल डेस्क पहुंचेगी, बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार होगा. योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब स्कूलों को अपने आवश्यक निर्माण और मरम्मत या खरीद कार्यों के लिए जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जटिल टेंडर प्रक्रिया और लंबी कागजी कार्रवाई के कारण विभाग 2016 से अब तक बड़े पैमाने पर दोहरी डेस्क नहीं खरीद पाया है.

School Management कमेटी संभालेगी सारा काम

माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अंशज सिंह के अनुसार 17 अगस्त को योजना के प्रथम चरण की शुरुआत करते हुए शिक्षा मंत्री कंवरपाल प्रत्येक जिले से एक प्रखंड का सिविल कार्य के लिए तथा एक प्रखंड का ड्यूल डेस्क क्रय बाई ड्रॉ प्रणाली के लिए चयन करेंगे. आलम यह होगा कि जिस सेक्शन में डेस्क खरीद या सिविल वर्क के लिए चयन होगा. उसमें यह सारा काम स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) ही करेगी. एसएमसी को शिक्षा मुख्यालय या किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. विभाग की ओर से स्कूलों से ड्यूल डेस्क की मांग की जा रही है ताकि इस योजना को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके. कार्यों को पूरा किया जा सकता है. संभवत: हरियाणा देश का पहला राज्य होगा जो इतनी ताकत के साथ स्कूल प्रबंधन समितियों को विकास में भागीदार बनाएगा.

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